गौशाला के 270 एकड़ कृषि भूमि पर भू माफियाओ द्वारा अवैध कब्जे का आरोप,जिला सह-प्रभारी ने प्रधानमंत्री को भेजा सन्देश,

👆रामसिंह चौहान(जिला सहप्रभारी)गौ-सम्मान अभियान..

पीलीभीत के अमरिया तहसील क्षेत्र के ग्राम भरापचपेड़ा में स्थित गौशाला की 270 एकड़ जमीन पर भू माफियाओ द्वारा किया जा रहा अवैध कब्जे पर स्थानीय गौ सेवक आक्रोषित,

पीलीभीत में आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत आज राष्ट्रीय हनुमान दल एवं हिंदू संगठनों ने पदयात्रा निकाला और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा।दिए गए ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की बात कही गई है,जिसमे पूरे देश में गोहत्या पर एक सामान केंद्रीय कानून बनाने और केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना की मांग की गई है।

इस अभियान के जिला सह प्रभारी राम सिंह चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीलीभीत के अमरिया तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम भरा पचपेड़ा स्थित गौशाला की लगभग 270 एकड़ कृषि भूमि पर भू माफियाओ का अवैध कब्जा है।इस पर पूरे मंडल के निराश्रित गौवंश को रखा जा सकता है,लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रशासन की लापरवाही और अवैध अतिक्रमण के कारण व्यवस्था बदहाल है।

दरअसल हिन्दू संघठन राष्ट्रीय हनुमान दल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने नकटादाना चौराहे से पदयात्रा निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर हुए डीएम कार्यालय पहुंचे गए,जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा।जिसमे गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के साथ-साथ गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए पूरे देश में एक समान केंद्रीय कानून लागू करने बनाने की मांग की गई है और केंद्रीय गोमंत्रालय बनाने की मांग भी की गई है, इस दौरान गौ-सम्मान अभियान के जिला शाह प्रभारी राम सिंह चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा,कि पीलीभीत के ग्राम भरापचपेड़ा स्थित गौशाला के नाम लगभग 270 एकड़ कृषि भूमि दर्ज अभिलेख है,जिसमें पूरे मंडल के निराश्रित गौवंशो को आश्रय दिया जा सकता है, मगर इस जमीन पर भू माफियाओ ने अवैध कब्जा कर रखा है, रामसिंह ने कहा,कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पूरी सच्चाई पहुंचाई जाए तो निश्चित रूप से हालात बदल सकते हैं और गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ी कार्रवाहीं हो सकती है।आंदोलनकारियों ने सरकार से गौशाला की भूमि की जांच कर अतिक्रमण हटाने और उसका उपयोग केवल गो संरक्षण के लिए सुनिश्चित करने की मांग की है,

आपको बता दें कि यह गौशाला बरेली गौशाला सोसायटी के नाम दर्ज अभिलेख है.मगर सोसायटी पदाधिकारियों के आपसी गुटबाजी का यह गौशाला भेट चढ़ चूका है.यहीं कारण है,कि आये दिन प्रबंधन के नाम पर लोग गौशाला में गौवंश और उस की कृषि भूमि का दुरूपयोग कर अनुचित लाभ उठाते रहते है,

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