

पीलीभीत के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ.अमित कुमार ने विभाग के प्रभारी अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक की, डॉ.अमित कुमार ने आज महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय की शैक्षणिक,प्रशासनिक एवं चिकित्सीय व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विभागाध्यक्षों एवं प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में छात्र कल्याण,महिला सुरक्षा,संस्थागत अनुशासन,रोगी सेवाओं की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अलग अलग मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर अहम् फैसले लिए गए,
इस बैठक में मुख्यमंत्री रूप से विद्यार्थी कल्याण,नियमित संवाद तथा उनकी शैक्षणिक,व्यक्तिगत, मानसिक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।यही नहीं पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए मेंटर-मेंटी (Mentor–Mentee) कार्यक्रम प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया, जिससे सभी एक दूसरे से समन्वयक व्यवहार बना रहे,कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) से संबंधित आंतरिक शिकायत समिति की हर महीने बैठक का आयोजन किया जायेगा,ताकि शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किएब्ज़ा सके,वही जेंडर हैरेसमेंट समिति की भी हर महीने बैठक की जायेगी,जिससे लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने एवं संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके,
अहम् मुद्दा एंटी रैगिंग समिति की हर महिने की बैठक को अनिवार्य करना है,प्राचार्य ने महाविद्यालय परिसर में रैगिंग को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति का कठोरता से पालन किये जाने का निर्देश दिया है,प्राचार्य ने किएस भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाहीं किये जाने का कड़ा निर्देश दिया है,
साइकोलॉजिकल विभाग द्वारा भी हर महिने विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव सत्र के आयोजन की व्यवस्था की जाएगी,जिनमें मानसिक स्वास्थ्य,तनाव प्रबंधन,नशामुक्ति,भावनात्मक सुदृढ़ता,व्यक्तित्व विकास तथा जीवन कौशल जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी, कुछ दिन पूर्व पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं के विवाद के बाद हत्या जैसे मामले में प्रबंधन द्वारा पुलिस विवेचना में सहयोग प्रदान करने और सभी विद्यार्थियों का पुलिस सत्यापन नियमानुसार अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है,साथ ही विद्यार्थियों को अधिकृत व्यक्ति द्वारा मान्य किये जाने की स्थिति में हीं एडमिशन दिया जायेगा आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों का एक सप्ताह के भीतर पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य किया जायेगा अन्यथा सत्यापन पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी का वेतन रोके जाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।आउटसोर्स सेवा प्रदाता संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि वे किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति समस्त वैधानिक एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण करने तथा पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने के उपरांत ही करें,,
बैठक में अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक जूनियर रेजिडेंट्स एवं अन्य मानव संसाधनों की उपलब्धता तथा संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिससे मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने कहा कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, अनुशासित एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तथा उत्कृष्ट एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों एवं प्रभारी अधिकारियों से समन्वित, उत्तरदायी एवं पारदर्शी कार्यशैली अपनाते हुए संस्थान को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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