पीलीभीत में उत्तराखंड से होती है तस्करी,ट्रेन से लाया जाता है ये बेशकीमती चीज, अधिकारी ने किया खुलासा,

पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे उत्तराखंड से काटरुआ बीन कर लाये ग्रामीणो पर वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए काटरुआ,तराजू बाट किया बरामद,काटा केस,

पीलीभीत में शहरी क्षेत्र में कटरुआ का धंधा जोरो से फल फूल रहा है.जंगलों से काटरुए लाकर 1500 से 2000 रूपये में बेचा जाता है.आज सामाजिक वानिकी टीम ने स्टेशन के पास चौराहे पर वन उपज कटरूआ बरामद किया है,पीलीभीत रेंज टीम द्वारा आज छापा मारा गया जबकि कटरुए पहले से बेचे जा रहे थे,छापे में 4 लोग आदित्य सक्सेना,बब्लू मौर्या,जितेन्द्र,सतीश कुमार निवासी जिला-पीलीभीत को हिरासत में लिया गया है,ये लोग प्रतिबंधित वन उपज कटरूआ बेचते पकडे गये है।इनके पास से कथित 8 किलो कटरूआ,8 तराजू बाट बरामद हुआ है।वन पुलिस ने पकडे गए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए रेंज केस संख्या-75/2026-27 के तहत कार्यवाही की गई है।

इस मामले में सामाजिक वानिकी के dfo भारत कुमार डीके ने बताया कि ये उत्तराखंड के खटीमा सूरई रेंज से काटरुए लाकर पीलीभीत में बेचे जा रहे थे.ये लोगो ट्रेन से काटरुए लाते है और यहाँ बेचा जाता है.

आपको बता दें कि पीलीभीत टाइगर रिर्जव और उत्तराखंड की सीमा पर सूरई रेंज आपस में जुडी हुई है.Up और उत्तराखंड के जंगलो से हर वर्ष भारी मात्रा में काटरुए लाकर सोने के भाव ये बेचा जाता है.ये काटरुआ जून से लेकर अगस्त तक बेचे जाने वाला वन उपज है. ये साल वृक्ष कीजंगलों में उसके जड़ में पाया जाता है,ज़ब पहली बरसात के साथ आसमानी बिजली कड़कती है.तो ये स्वतः उपजित होती है.इस काटरुए को लोगो नॉनवेज के विकल्प में भी खाना पसंद करते है,इसको लोग बड़े चाव से खाते है.मिट्टी में लिपटा काटरुआ लोगो को इतना भाता है कि फिर कीमत चाहे जो भी हो इसे लोग जरूर खरीदना चाहते है.

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