
नोटिस बोर्ड… 👆

पीलीभीत टाइगर रिजर्व द्वार, 👆👆
इस वर्ष सैलानियों को टाइगर रिजर्व के चूका बीच में मौज मस्ती करने पर लग सकती है रोक,शारदा सागर बांध अधिनियम के अंतर्गत चेतावनी बोर्ड लगने से टाइगर रिजर्व प्रशासन की मुश्किलें बढ सकती है,हर वर्ष 15 नवम्बर को टाइगर रिजर्व का गेट सैलानियों के लिए खोल दिया जाता था.मगर इस बार सैलानी महज जंगल में मौज मस्ती कर सकते है,चूका बीच में जाना और मोटर बोटिंग का लुफ्त उठाने पर बांध सुरक्षा अधिनियन आड़े आ सकती है,क्योंकि अब बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 पूरी तरह से लागु हो चूका है,इस अधिनियम के लागु होने से पूर्व में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले सभी सैलानियों को शारदा सागर चूका बीच और नौकाविहार(स्टीमर)का मौका दिया जाता था,मगर अब नहीं, क्योंकि शारदा सागर विभाग ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियो को पत्र लिखकर जवाब मांगते हुए चेतावनी दी है कि वर्ष 2016 में चूका बीच पर शारदा सागर जलाशय में मोटर बोट चलाये जाने को लेकर वर्ष 12नवम्बर 2018 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। पर उस वक्त बांध सुरक्षा को लेकर कोई कानून नहीं बना था मगर वर्तमान में बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 पूरी तरह से प्रभावी हो चुका है।चूंकि शारदा सागर बाँध एक अन्तर्राज्यीय बीच है, इसलिए इसकी निगरानी जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय बाँध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) द्वारा की जा रही है। इसके आलावा यूपी के राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO)द्वारा भी लगातार निगरानी की जा रही है। शारदा सागर के अधिकारियो की मानें तो बाँध मिट्टी से बना हुआ एक बीच है जिसका निर्माण भारत के प्रथम पंचवर्षीय योजना के दौरान वर्ष 1954 में किया गया था और इसकी सुरक्षा के लिए चैन सेफ्टी एक्ट 2021 के तहत नियमित समीक्षा भी की जा रही है,मगर टाइगर रिजर्व द्वारा इस एक्ट की लगातार अवहेलना की जा रही है, दरअसल पीलीभीत टाईगर रिजर्व सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र है,जहां पर्यटक जंगल सफारी का आनन्द लेते है और जंगल के रास्ते चूका ईको टूरिज्म स्पॉट”चूका बीच” पर पहुंचते हैं, जहाँ शानदार शारदा सागर जलाशय क्षेत्र है।चूका बीच स्पॉट पर वन विभाग द्वारा सैलानियों के ठहरने के लिए स्टे हाउस जैसे (ट्री हाउस,बैबू हाउस) हट्स आदि बनाए गये है।यही नहीं इसके आलावा कैंटीन का भी संचालन किया जा रहा है।हालांकि चूका स्पॉट पीलीभीत जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।मगर शारदा सागर के अधिकारियो की माने तो चूका स्पॉट पर पर्यटन गतिविधियां शारदा सागर के जलाशय क्षेत्र के अंतर्गत आता है,जिस पर अब प्रतिबंध लगाते हुए एक चेतावनी नोटिस बोर्ड लगा दिया गया है, आपको बता दें कि बॉध सुरक्षा अधिनियम-2021 की धारा 4G (xi), 4 (1) 4 (v), 29 एवं 39 के अन्तर्गत बांध के आसपास के क्षेत्र में कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं संचालित की जा सकती,जिससे बांध की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो,शारदा सागर बाँध के आसपास की गतिविधियां के संचालन को लेकर सिचाई विभाग द्वारा जवाब भी माँगा गया है.जैसे ==जलाशय से कितनी दूरी पर किन-किन गतिविधियों का होना,डैम के किनारे रिजर्व द्वारा निर्माण से सम्बंधित जानकारी,जलाशय के अन्दर कितनी व किस प्रकार की मोटर बोट का इस्तेमाल और उनका दायरा सहित अन्य कई बिन्दुओ पर जवाब माँगा गया है. सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा टाइगर रिजर्व अधिकारियो को ये चेतावनी भी दी कि उनके विभाग द्वारा नहरों के निरीक्षण एवं दौरे के समय फॉरेस्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा विभागीय गडियों को रोका जाता है।जिनको ऐसा करने से रोका जाना चाहिए,अन्यथा बाँध सुरक्षा अधिनियम 2001 के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही की जाएगी,इस मामले में शारदा सागर के अधिशाषि अभियंता पी पी गौतम ने बताया कि समयानुसार टाइगर रिजर्व के अधिकारियो द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो सिचाई विभाग बांध सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के लिए बाध्य होंगा.

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