
प्रसून द्विवेदी (अपर जिलाधिकारी )पीलीभीत 👆


उत्तराखंड और नेपाल से पीलीभीत आने वाली नदियों में बाढ़ आपदा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है.प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्रो को चिन्हित कर राहत सामग्री और बचाव कार्य को लेकर सहायता टीम बना दीं है, जिले में मुख्यतः 3 नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी रहती है शारदा नदी,देवहा नदी और खकरा नदी|जनपद में बाढ़ को लेकर 32 बाढ़ चौकी,20 बाढ़ सुरक्षा समिति,पशुपालन विभाग द्वारा जिले में 36 राहत सेंटर बनाये गए है,पशुओ के चारा और स्वस्थ्य की व्यवस्था के लिए मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदारी दीं गई है.जिले भर में 40 बाढ़ राहत शरणालय बनाये गए है, बाढ़ नियंत्रण के लिए कलेक्ट्रेट एवं सभी तहसील और जिला ऑपरेशन सेंटर चिन्हित किये गए है,प्रशासन ने जिले में 64 नाविक और 42 नाव की व्यवस्था की है.जिसमे SDRF की टीम 88 गौतखोर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मुस्तैद रहेंगे,प्रशासन ने इन इलाकों में खाद्यान्न किट व्यवस्था को लेकर जिला गोण्डा के एक ठेकेदार रुद्राक्ष एग्रो का चयन किया है,तो बाढ़ पीड़ितों के लिए तोशी कैटर्स शांहजहांपुर भोजन की व्यवस्था करेंगा, बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यचिकित्सा अधिकारी द्वारा क्षेत्र में 12 मेडिकल टीम, 12 डॉक्टर्स, 36 परिवेक्षक और 157 कर्मचारियों की टीम दवाओं के साथ 24 घंटे उपलब्ध रहेगी,
इस पूरे मामले में अपर जिलाधिकारी प्रसून द्विवेदी ने बताया कि जिले की तीनो नदियों के आसपास के क्षेत्र में गठित टीम द्वारा निगरानी की जा रही है.अभी जनपद में बाढ़ की स्थिति शून्य है,बाढ़ खंड पूरनपुर द्वारा बाढ़ एवं कटाव को रोकने के लिए 11 परियोजनाओ पर 44.55 करोड़ के बजट से माह अप्रैल 2026 को कार्य शुरू कराया गया था, जिनमे 11 परियोजनाओं को अब तक पूरा करा लिया गया है.फिलहाल अभी स्थिति सामान्य है.

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