कौन है ये नरेश कुमार,जिन्होंने बिता दिया 22 वर्ष,आज मिला सम्मान,बाघ मित्र कार्यक्रम को लेकर हो रही सराहना,

पीलीभीत के नरेश कुमार लोधी प्रभारी विश्व प्रकृति निधि-भारत (WWF-India) को सम्मानित किया गया, इन्होने वन्यजीव संरक्षण,मानव-वन्यजीव संघर्ष में विशेष योगदान किया है. इन्होने सीमावर्ती इलाकों और वनक्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की आजीविका को लेकर बहुत प्रयास किया,नरेश कुमार लोधी सालो से विश्व प्रकृति निधि-भारत (WWF-India) में बतौर प्रभारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है. जिनको wwf की ओर से विशिष्ट सेवा सम्मान से आज सम्मानित किया गया।
आपको बता दें नरेश कुमार लोधी वर्ष 2004 से विश्व प्रकृति निधि-भारत से जुड़कर पीलीभीत में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सक्रिय भूमिका निर्वहन कर रहे है,इंडो-नेपाल सीमा पर बसें गांवों में विकास और रोजगार को लेकर अहम् भूमिका निभा रहे है।जिससे लगभग 1हजार से अधिक महिलाओं एवं पुरुषों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है।पीलीभीत टाइगर रिजर्व,दक्षिण खीरी वन प्रभाग,अमानगढ़ टाइगर रिजर्व तथा रानीपुर टाइगर रिजर्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES) प्रणाली के सफल प्रयोग एवं प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने को लेकर भी नरेश कुमार की अहम भूमिका रही।पीलीभीत वरिष्ठ पत्रकारों की सलाह के बाद तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक विनोद कुमार,DFO कैलाश प्रकाश,आदर्श कुमार और नरेश कुमार ने ‘बाघ मित्र’ कार्यक्रम की शुरुआत की,वरिष्ठ पत्रकारों में केशव अग्रवाल,अमिताभ अग्निहोत्री,अर्ज देव सिंह प्रिंस, अजय गुप्ता,अरशद हसन खां शामिल रहे,बाद में इस पहल की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जमकर सराहा गया,अब ये मॉडल ‘बाघ मित्र’ कार्यक्रम को देश के अलग अलग वन प्रभागों में भी अपनाया जा रहा है।
आपको बता दें कि वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में नरेश कुमार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ,तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है,

Leave a comment