इंडो-नेपाल सीमा पर ये क्या हुआ.बैराज पर मचा हड़कंप..

पीलीभीत में विकराल रुप धारण करने वाली शारदा नदी के हेड यानि उत्तराखण्ड के इंडो-नेपाल पर स्थित बनबसा बैराज पर अचानक एक विशालकाय अजगर दिखने से हड़कंप मच गया,मामला देर रात का है जहाँ बैराज के सुरक्षा कर्मियों द्वारा दिए सूचना पर SDO ने अजगर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तक निगरानी के लिए निर्देश दिया, अजगर ने किसी को बिना नुकसान पहुचाये बैराज के वन क्षेत्र की ओर रुख कर गया,मगर अचानक वन्यजीव देख बैराज कर्मियों में दहशत का माहौल बन गया,

दरअसल उत्तरप्रदेश का हेड वर्क्स खंड शारदा बैराज देवभूमि के चम्पावत जिले में स्थित है,इस बैराज का निर्माण 1921 में शुरू होकर 1928 में दिसम्बर माह में पहली बार खोला गया।शारदा नदी की लंबाई लगभग 603.5 मीटर हैं, और यहाँ से निकालने वाली प्रमुख शारदा नदी चम्पावत,नेपाल और पीलीभीत से होते हुए यूपी के अन्य जिले में सिचाई के लिए प्रवाहित होती है,बैराज के पास उत्तराखंड का एनएचपीसी(नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन)स्थित है तो लोहियाहैड पावर हॉउस के लिए बनबसा बैराज से जलधारा प्रवाहित की जाती है.बरसात के मौसम में पहाड़ो से आने वाले तेज बहाव को इस बैराज द्वारा मजबूती से संतुलित किया जाता है. ब्रिटिश काल में बना ये बैराज इंडो- नेपाल की सीमा पर एक स्थित है. जोकि पर्यटको के लिए भी यह बैराज बेहद शोभनीय माना जाता है.
आपको बता दें कि हेड वर्क्स खंड शारदा के बनबसा उपखण्ड अवर अभियंता प्रशांत कुमार ने बैराज पर अजगर की मौजूदगी का संज्ञान लिया और अपने कर्मचारियों को इस वन्य जीव के सुरक्षित वन क्षेत्र पहुंचने तक निगरानी करने के लिए निर्देशित किया, प्रशांत कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में ये वन्यजीव दिखाई पड़ जाते है,उनको अपने सुरक्षित स्थान पर पहुंचने तक की निगरानी के लिए अपनी विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है.

Leave a comment