PTR की ओर से कांवड़ियों से अपील,वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए न बजाये DJ, श्रावण मास कावड़ियों के लिए श्रद्धा और भक्ति का माह माना जाता है.अक्सर कांवड़ यात्रा जंगल के रास्ते से होकर गुजरता है.वन विभाग ने कांवड़ियों और आयोजकों से जंगल में DJ ना बजाने को लेकर अपील की है, शिव भक्तो की यात्रा के दौरान वन क्षेत्रों के आसपास तेज डीजे,वूफर और साउंड सिस्टम बजाने से बचने के लिए बताया गया है.
दरअसल भगवान शिव को ‘पशुपतिनाथ कहा जाता है और इसलिए शिव को सभी जीव-जंतुओं के स्वामी एवं रक्षक के रूप में पूजा जाता है। वन विभाग द्वारा दिए गए सन्देश में बताया गया कि भगवान शिव के प्रति हमारी सच्ची भक्ति तभी पूर्ण होगी, जब हम उनके द्वारा सृजित सभी जीव जंतु के लिए करुणा और संवेदनशीलता रखे,तेज और लगातार DJ से निकलने वाले वाइवरेशन से पक्षियों,बंदरों,कुत्तों तथा अन्य वन्यजीवों में भय और तनाव की स्थिति बन जाती हैं।इससे पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार,संचार,घोंसले बनाने और प्रजनन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से घोंसलों में मौजूद नाजुक अंडे और छोटे बच्चे तेज कंपन एवं लगातार शोर से प्रभावित होते हैं,
वन विभाग द्वारा अपील में कांवड़ियों द्वारा भगवान शिव और शिवालय तक पहुंचने के लिए तेज आवाज की मोहताज नहीं बताया गया,क्योंकि ऐसा करने से किसी बेजुबान जीव के लिए पीड़ा का कारण न बनने का वन विभाग ने सन्देश दिया है.

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