2009 से बंद 130 एकड़ में स्थित मिल से चोरी हुआ प्रतिबंधित सेमल वृक्ष.तहरीर में लकड़ी माफिया का जिक्र,जाँच में जुटी न्यूरिया पुलिस.

पीलीभीत के मझोला में वर्षो से बंद चीनी मिल में वन माफिया प्रतिबंधित सेमल का विशालकाय पेड़ काट ले गए,यही नहीं घनी आबादी में स्थित दी किसान को-ऑपरेटिव चीनी मिल क़ी ज़मीन से पेड़ काटना लकड़ी माफियाओ के हौसले को दर्शाती है.इसमें प्रशासन क़ी लापरवाही सीधे तौर पर देखी जा सकती है.मझोला चीनी मिल के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर पत्रांक संख्या 2026-27/34 के अनुसार बीते 21अगस्त को रेलवे स्टेशन के पश्चिम में रमाशंकर के घर के पास खेल मैदान किनारे प्रतिबंधित वृक्ष सेमल खड़ा था,जिसकी मोटाई लगभग 10-12 फीट बताई जा रही है,इसको काट दिया गया,सूचना के बाद ज़ब उन्होंने मौके पर जाकर देखा गया तो पेड़ कटा हुआ पाया,पेड़ के कुछ अंश मौके पर बरामद हुए,स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पता चला कि मझोला गुलड़िया का कोई लकड़ी माफिया द्वारा ये पेड़ काटा गया है।इस मामले में तहरीर के बाद न्यूरिया के थाना प्रभारी दिगम्बर सिंह ने मझोला चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार को जाँच के लिए निर्देशित किया है.

आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश और उत्तराखण्ड सीमा पर स्थित जिला पीलीभीत के मझोला स्थित ये चीनी मिल वर्ष 2009 से बंद पड़ी हुई है.शासन नीति,किसानो क़ी असहमति और सम्बंधित राजनीतीक खींचतान का शिकार इस फैक्ट्री के बंद रहने से गन्ना किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.वही मझोला के व्यापारियों क़ी निर्भरता भी अब महज किसानो तक सीमित होकर रह गई है.खंडहर में तब्दील ये चीनी मिल पूर्व में भी चोरी और अतिक्रमण का शिकार हो चुकी है.अब भी कीमती उपकरण एवं मशीनरी के मौजूद होने के कारण मिल प्रशासन द्वारा तैनात पीआरडी रात दिन मौजूद रहकर अपना कर्तव्य निर्वहन करती है.बावजूद इसके 130 एकड़ भूमि पर मौजूद चीनी मिल और शराब फैक्ट्री में मैन पावर क़ी कमी होने से चोर और लकड़ी माफिया मौका लगते हाथ साफ करने से नहीं चूकते.

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