कागज के 3टुकड़ो के साथ डीएम ऑफिस पहुंची बीए पास सुनीता.पति से दहेज़ का पैसा दिलाओ स्कुल खोलना है.

एक तरफ महिला शशक्तिकरण क़ी बात क़ी जाती है और दूसरी ओर एक लाचार ग्रेजुएट महिला डीएम कार्यालय के चक्कर मार कर न्याय क़ी गुहार लगाती नजर आई,मामला जिला कलेक्टर कार्यालय पीलीभीत का है.जहाँ एक महिला मैले कूचेले कपड़े पहने हुए, साथ में एक झोला और डंडा लेकर सीढ़ियों पर बैठकर कागज के टुकड़ो पर कुछ लिखती हुई नजर आयी,पास जाकर देखा तो 3 टुकड़ो पर मानो अपने ऊपर बीती दास्तां लिखकर न्याय क़ी उम्मीद लगाए अधिकारियो के आने का इंतजार कर रही हो.उसने खुद का नाम सुनीता बताया और ये भी बताया कि वह स्नातक क़ी शिक्षा ले चुकी है,अपने पति पर आरोप लागाते हुए कहा कि वह मुझको प्रताड़ित कर रहा है मेरी माँ को डंडे से मारा और वह मर गई.मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया,उसने बताया कि तलाक के बाद उसके परिजनों द्वारा शादी में दिए गए दहेज़ को उसका पति वापस नहीं लौटा रहा है अगर देदे तो वह स्कुल खोलेगी और बच्चो को शिक्षा प्रदान करेंगी,फिलहाल ये महिला हाथ में कागज के 3 टुकड़े लेकर अधिकारी के आने का इंतजार करते दिखी,मगर घंटो बाद कलेक्ट्रेट में कागज के टुकड़ो को कार्यालय में जमा करके वापस चली गई…

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