
पीलीभीत की जिला पंचायत AMA ने एक बार फिर डीएम के आदेश को ताख पर रख दिया है.करोडो का टेंडर अपनी मनमानी के चलते फ्लेस कर दिया,मामला 20 करोड़ रुपये के टेंडर का है।दरअसल डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के आदेश के बावजूद AMA धर्मेंद्र कुमार ने चहेते ठेकेदारों को नियमविरुद्ध तरीके से ठेके बाँट दिए है,विभाग में विकास कार्यों को लेकर ठेकों में गड़बड़ी को लेकर ज्ञानेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया था और जिला पंचायत में प्रशासक की नियुक्ति कर दी गई थी.जिसके बाद किसी भी टेंडर को फ्लेस करने से पूर्व वित्तीय अनुमति लेने का आदेश जारी हुआ था.वावजूद इसके अपर मुख्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने नियमो को ताख पर रखकर टेंडर बाँट दिया, बड़ी बात ये है कि AMA ने अपने चहेते ठेकेदारों को ही काम बांट दिया, जिससे अन्य ठेकेदारों में भारी आक्रोश का माहौल है.
आपको बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष यानि राजनीतिक पद(कार्यकाल)समाप्त होने पर उस विभाग में प्रशासक न्यूक़्त किया जाता है,मगर अपरमुख्य अधिकारी ने खुद हीं लालचवश इस कार्य को निपटा दिया.बड़ी बात ये है कि जिन ठेकेदारों को दिए गए कार्यों में भागीदारी नहीं मिली उन सब ने डीएम से मिलकर शिकायत क़र जाँच क़ी मांग क़ी है.

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