रात 12 बजे से 5 बजे सुबह तक फर्श पर तड़पती रही महिला,पति ने अस्पताल से भागने का लगाया आरोप.

पीलीभीत में स्वस्थ्य सेवा पटरी से उतर चुकी है.उत्तरप्रदेश सरकार जहाँ मरीजो को सुविधा मुहैया करने को लेकर करोडो रूपये खर्च कर रही है.वही अस्पताल में ईलाज नहीं दुर्व्यवहार मिलता है. मामला बिलसंडा थाना इलाके के ग्राम बमरौली का है.जहाँ के निवासी राजवीर ने बताया की वो बीते 2 सितम्बर रात करीब 12 बजे अपनी पत्नी को लेकर सरकारी अस्पताल पंहुचा था और उसकी दर्द से तड़पती पत्नी गेंदा देवी को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया,मजबूरन मरीज गेंदा देवी फर्श पर पड़ी तड़पती रही, आरोप है कि मरीज का आधार कार्ड लेने के बाद हालत गंभीर बताते हुए उसे वहाँ से बाहर निकाल दिया गया.तस्वीरो में देखा जा सकता है किस तरीके से मरीज ज़मीन पर तड़प रही है.स्वास्थ सेवा पर भरोषा उठने के बाद पीड़िता के पति राजवीर ने आप बीती सुनाई,

दरअसल गेंदा देवी 3 महीने की गर्भावती थी.मगर किसी वजह से उसके पेट से खून का रिसाव होने लगा और दर्द से तड़पता देख गंभीर हालत में उसके पति ने अस्पताल ले जाकर भर्ती कराने का प्रयास किया.मगर इसकी सभी कोशिशे विफल हो गई.रात के 12 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक फर्श पर महिला पड़ी तड़पती रही. तब जाकर आज सुबह 5 बजे उसे अस्पताल में भर्ती किया गया.हालांकि महिला का ईलाज जारी है.पर बड़ी बात ये है की समय पर स्वस्थ्य सेवा ना मिलने क़ी वजह से गेंदा देवी क़ी मौत भी हो सकती थी,..पूरा मामला स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के महिला अस्पताल का मामला है.

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