
जिला विकास अधिकारी (DDO) संजय कुमार 👆


आरोपी विकास पाण्डेय का सम्बंधित ब्लॉक 👆
ब्लॉक मरौरी में तैनात ग्रामविकास अधिकारी विकास पाण्डेय क़ी मनमानी और लापरवाही पर DDO संजय कुमार पर्दा डालने में जुटे हुए है.आरोप है क़ी संरक्षण देकर संस्तुति देने में दो सप्ताह लगा दिए..
दरअसल बीते 28 जुलाई को पत्र संख्या 3557 और 3759 दिन 5 अगस्त को DPRO ने द्वारा सम्बंधित ग्राम पंचायत चिडिया दाह,गौहनियों,अजीतपुर आदि में बेहद लापरवाही और मनमानी को देखते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था,ग्राम पंचायत में कमियों का सबूतों और फोटो के आधार पर अधिकारियो द्वारा निर्देश दिये गये,मगर आरोपी मठाधीश ग्राम विकास अधिकारी विकास पाण्डेय ने ना तो किसी पत्र का जवाब दिया है और ना हीं साक्ष्य प्रस्तुत किया है.
आपको बता दें कि बीते 14नवम्बर 2025 को चिडियादाह गांव में सम्बंधित अधिकारियो द्वारा निरीक्षण किया गया,जिसमें ग्राम और ग्राम सचिवालय कार्यालय परिसर में गंदगी का अंबार मिला और ग्रामीणो क़ी समस्याओ का निस्तारण नहीं किया जा रहा था,इसके बाद पत्र संख्या-6296 बीते 17 नवम्बर 2025 को 3 दिन के अन्दर व्यवस्थित कर ग्राम और ग्राम सचिवालय का फोटो और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के लिए बोला गया था, जिसका अब तक कोई भी जवाब नहीं दिया गया है दूसरे प्रकरण में पत्र संख्या-6112 बीते 10नवम्बर 2025 को कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेन्टर के निष्क्रिय होने और उसकी धनराशि ग्राम पंचायत अकाउंट में जमा नहीं कराया गया था,जिसमे भी 3 दिन के अन्दर स्पष्टीकरण माँगा गया था.तीसरे प्रकरण में पत्र संख्या 980 बीते 7मई 2025 को भी विकास पाण्डेय के कार्यक्षेत्र ग्राम पंचायतों में बने परिसम्पत्तियों यथा आरआरसी,वर्मी कम्पोस्ट नाडेप डस्टबिन प्लास्टिक बैंक फिल्टर चैम्बर सोक पिट लीच पित,ई-रिक्शा का नियमति संचालन कराये जाने के लिए भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था,इसमें भी 7 दिन का वक्त दिया था, ऐसे 7 अलग-अलग मामलो में गंभीर आरोपों के बीच विकास पाण्डेय ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.जिसको लेकर जिला पंचायतीराज अधिकारी रोहित भारती ने कार्यवाही में संस्तुति के लिए DDO संजय कुमार को पत्र भेजा है.मगर दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी महोदय ने चिट्ठी अपने टेबल पर सजाकर रखा है.
क्या भ्रष्ट ग्रामविकास अधिकारी को संरक्षण देने में लगे है महोदय संजय कुमार…
आरोपी विकास पाण्डेय के खिलाफ ये हो सकती है कार्यवाही.. जान बूझकर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना किये जाने की स्थिति में उत्तरप्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 एवं नियमावली 1999 के विपरीत क्या बड़ी कार्यवाही होंगी.फिलहाल DPRO रोहित भारती ने कार्यवाही की संस्तुति के लिए DDO संजय कुमार को पत्र भेज तो दिया है…मगर पत्र वही डंप है..

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