

उद्यमी लाॅन्चपेड के अन्तर्गत सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम क्षेत्र से जुडी विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में युवाओं,उद्यमियों एवं संभावित लाभार्थियों को जागरूकत करने उद्देश्य एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है. लाभार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में लगभग 300 से 400 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।इसमें विशेष रूप से डिग्री कालेज के विद्यार्थियों, आईटीआई के विद्यार्थी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एवं ओपीओडी टूलकिट योजना से जुडे़ लाभार्थियों तथा स्वरोजगार एवं उद्यमिता में रूचि रखने वाले युवाओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान,एक जनपद एक उत्पाद,मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना,विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना,उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन पाॅलिसी,उत्तर प्रदेश टेक्निकल अपग्रेडेशन स्क्रीम,इंडस्ट्रियल शेड मैनेजमेंट पाॅलिसी, RAMP (Rising and Accelerating MSME performance), उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रमोशन पाॅलिसी-2022 तथा PLEDGE Scheme सहित एमएसएमई क्षेत्र से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी गई.अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को योजनाओं के उद्देश्य,पात्रता,आवेदन प्रक्रिया,वित्तीय सहायता,बैंक ऋण,अनुदान/मार्जिन मनी, टूलकिट,तकनीकी उन्नयन,निर्यात प्रोत्साहन तथा उद्यम स्थापना से सम्बन्धित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई।युवाओं को विशेष रूप से स्वरोजगार को करियर विकल्प के रूप में अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।कार्यशाला में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कौशल विकास मिशन एवं बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा भी प्रतिभागियों को सम्बन्धित योजनाओं एवं सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।जनपद के विभिन्न बैकों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से सम्भावित उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया,बैंकिंग सुविधाओं एवं वित्तीय सहयोग से सम्बन्धित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
इस कार्यशाला में उपायुक्त उद्योग आशीष गुप्ता ने कार्यशाला में एमएसएमई विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उद्यमी लाॅन्चपैड जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य योजनाओं की जानकारी को सम्भावित लाभार्थियों तक सीधे पहुंचाना तथा युवा,कौशल,बैंकिंग एवं सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना है।उन्होंने युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों से अपील की कि वे योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपने व्यवसायिक विचारों को उद्यम में परिवर्तित करे और उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ उठाएं।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की योजनाओं से सम्बन्धित जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी सम्बन्धित अधिकारियों एवं बैंकर्स द्वारा किया गया।कार्यक्रम में बडी़ संख्या में युवाओं एवं सम्भावित उद्यमियों की सहभागिता ने जनपद में उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति बढ़ती रूचि को प्रदर्शित किया।कार्यक्रम के दौरान अग्रणी जिला प्रबन्धक बैंक ऑफ़ बडौदा,डीडीएम नाबार्ड,प्रधानाचार्य आईटीआई मौजूद रहे।

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