पीलीभीत-दिल्ली के बाद अब विश्व में फैली ख्याति,प्रधानमंत्री ने जितिन प्रसाद को चीनी सम्बन्धी ये क्या दे दी बड़ी जिम्मेदारी,

पीलीभीत के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने दिल्ली में प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में शी जिनपिंग का स्वागत किया है.ये ना पीलीभीत बल्कि देश को गौरव क़ी बात है.

पीलीभीत के लिए आज का दिन गर्व का दिन है।पीलीभीत के सांसद और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद जी ने नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत बतौर प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि के रुप में किया है.दरअसल 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 7 साल बाद चीनी राष्ट्रपति भारत आये. जिनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसीव करने की जिम्मेदारी सौपी थी,जितिन प्रसाद ने प्रोटोकॉल के तहत किसी भी राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत केंद्रीय मंत्री क़ी जिम्मेदारी तय क़ी जाती है,जिसमे इस बार इस दायित्व को पीलीभीत के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री को ये दायित्व निभाने का मौका मिला।इस दायित्व से जनपद पीलीभीत का कद बढ़ा है.धान का कटोरा कहे जाने वाले पीलीभीत के सांसद जब विश्व के दो सबसे बड़े नेताओं के बीच सेतु बनता है,तो जिले का नाम वैश्विक मंच पर आ ही जाता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जितिन प्रसाद को वाणिज्य मंत्रालय जैसा अहम विभाग और अब इतनी बड़ी कूटनीतिक जिम्मेदारी मिलना भरोसे को दर्शाता है,तराई से दिल्ली तक के सफर में शाहजहांपुर से धौरहरा का नाम तो था ही अब पीलीभीत से भी उनका राजनीतिक सफर अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़ चूका है,आज प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होनी है,2020 गलवान के बाद संबंधों में आई कड़वाहट को कम करने की कोशिशों के बीच यह मुलाकात ऐतिहासिक मानी जा रही है और इसकी शुरुआत आज क़ी मिली अहम् जिम्मेदारी से देखी जा सकती है.पीलीभीत अब बासमती और टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता था.मगर दिल्ली की बड़ी कूटनीति और समन्वय के लिए भी अहम भूमिका के लिए भी जाना जाएगा।

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