पीलीभीत पुलिस क़ी ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत बड़ी कार्यवाही,म्यूल अकाउंट के जरिए करोड़ो रूपये के संदिग्ध साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा कर पुलिस ने 2 ठगों को गिरफ्तार किया है.
दरअसल भारत के 28 राज्यों में लगभग 200 साइबर शिकायतों के आधार पर बैंक अकाउंट में 47 BET गेमिंग प्लेटफॉर्म और इन्वेस्टमेंट प्लान को दिखाकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है.जिसमे पीलीभीत पुलिस ने 1लैपटॉप,6मोबाइल फोन,16 फर्जी आधार कार्ड,10 एटीएम कार्ड,7चेकबुक व 10 बैंक पासबुक बरामद किया है.साथ ही शिकायत से जुड़े वैक खातों में जमाराशि 1.05 करोड़ रूपये को फ्रीज़ कर दिया गया.
आपको बता दें कि प्रदेश में क्राइम कंट्रोल को लेकर यूपी के DGP(पुलिस महानिदेशक)के निर्देश के तहत चलाए जा रहे “ऑपरेशन साइ-वज्र”, साइबर अपराध के खिलाफ म्यूल अकाउंट वेरिफिकेशन अभियान चलाया जा रहा है.वहीं एसपी सुकीर्ति माधव के निर्देश पर थाना जहानाबाद पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है.पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर 2 ठग मोहसिन,निवासी मोहल्ला विलई,थाना जहानाबाद और राहुल निवासी ग्राम हरवंशपुर लक्ष्मनियापुर,थाना भोजीपुरा,जिला बरेली को अरेस्ट किया है।पुलिस को इनके पास से 1लैपटॉप,6 मोबाइल फोन,16 फर्जी आधार कार्ड,10ATM कार्ड,7 चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद हुआ हैं।
पूरा मामला ये है कि ये गिरोह 47 BET गेमिंग प्लेटफॉर्म और इन्वेस्टमेंट प्लान बताकर या दिखाकर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को लालच देकर साइबर ठगी करता था,ये लोग ठगी करने के लिए सीधे व सज्जन लोगों को सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अकाउंट खुलवाते थे और उसमे 10,000 तक का आर्थिक लाभ दिलाने का लालच देते थे,इसके बाद उनके आधार कार्ड,पैन कार्ड,सिम कार्ड आधारित दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक अकाउंट चालू कर पासबुक,एटीएम कार्ड,चेकबुक तथा अन्य कगजातों को म्यूल अकाउंट के लिए इस्तेमाल में लाते थे.इस सम्बन्ध में पीलीभीत और उत्तरप्रदेश ही नहीं बल्कि भारत के कई राज्यों से राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर करीब 200 शिकायतें हो चुकी है.
लेन देंन मामले में पीड़ित मोहसिन के खाते से सम्बंधित 15 शिकायते और 32 करोड़ का ट्रांजेक्शन तो राहुल के खाते क़ी 34 शिकायतों और 28 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है.
पीलीभीत पुलिस ने साइबर शिकायतों के आधार पर अब तक अलग अलग खातों में करीब 1.5करोड़ रूपये क़ी जमाराशि को फ्रीज़ करा दिया है,इस मामले में वादी दानिश ने पुलिस को बताया,कि 1 वर्ष पूर्व कस्बा जहानाबाद निवासी मोइन और मोहसिन ने लोन दिलाने के नाम पर उसका आधार कार्ड,पैन कार्ड,पहचान पत्र ले लिए,उन्होंने उसके नाम से बैंक में अकाउंट खुलवाया,एटीएम कार्ड,चेकबुक उन लोगो ने अपने पास रख लिए,बाद में उसे जानकारी हुई कि उसके बैंक खातों में अनधिकृत तरीके से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन चल रहा है।पुलिस द्वारा जांच में बैंक खातों में 50 लाख से अधिक की साइबर फ्रॉड से संबंधित धनराशि का लेन-देन पुलिस को मिला,वादी ने बीते 30जुलाई 2026 को थाना जहानाबाद में तहरीर देकर 285/2026, घारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कराया था,पुलिस को जाँच में विशाल मौर्य तथा फरमान निवासी थाना भोजीपुरा,बरेली क़ी संलिप्तता मिली,इनके पास से बरामद मोबाइल और लैपटॉप में मौजूद डिजिटल डाटा का पुलिस ने फॉरेंसिक एफएसएल परीक्षण कर इस गिरोह से जुड़े बैंक खातों,म्यूल अकाउंट सम्बंधित व्यक्तियों,लाभार्थियों एवं साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है.

Leave a comment