NIELIT क़ी तरफ से 1 दिवसीय कार्यशाला कर कृषि क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स के बारे में दी गई जानकारी,

नाइलिट पीलीभीत में कृषि को लेकर इंटरनेट ऑफ थिंग्स के उपयोग पर 1 दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया.

पीलीभीत के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में कृषि विषय के विद्यार्थियों के लिए “कृषि में इंटरनेट ऑफ थिंग्स का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला का उद्घाटन ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अनुपम शर्मा ने किया।इस अवसर पर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य लोकेश कुमार,वरिष्ठ अध्यापक डॉ. आर.पी. गंगवार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे तथा नाइलिट की ओर से रवि रस्तोगी(संयुक्त निदेशक) तथा टी.ए. खान(उप निदेशक) भी उपस्थित रहे।इस एक दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ थिंग्स,स्मार्ट कृषि,सेंसर तकनीक,इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं वास्तविक समय में निगरानी के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, यही नहीं विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के सेंसर एवं इलेक्ट्रॉनिक अवयवों की कार्यप्रणाली को साक्षात्कार कराया गया। कार्यशाला के दौरान जीवंत परियोजनाओं एवं व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित तकनीक का उपयोग खेतों में मिट्टी की नमी,तापमान,आर्द्रता तथा अन्य कृषि संबंधी मानकों की निगरानी के लिए बताया गया.वरिष्ठ अध्यापक डॉ. आर.पी. गंगवार ने बताया कि कृषि और प्रौद्योगिकी का समन्वय भविष्य की आवश्यकता है।इस प्रकार की व्यावहारिक कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं,बल्कि तकनीक के वास्तविक उपयोग को समझने का अवसर भी मिलता है।उन्होंने कहा कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सेंसर तकनीक कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती है। नाइलिट पीलीभीत के संयुक्त निदेशक रवि रस्तोगी ने कहा कि नाइलिट का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें व्यावहारिक एवं कौशल आधारित ज्ञान विकसित करना है।कृषि एवं प्रौद्योगिकी के समन्वय से स्मार्ट कृषि,नवाचार,रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।

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