पीलीभीत में बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसान मजदूर संघठन कार्यकर्ताओ का धरना प्रदर्शन जारी है.गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर 15 प्रतिशत ब्याज की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है.
पीलीभीत में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मामला एक बार फिर सामने आया है।किसानों ने वर्ष 1996-97 से लेकर 2025-26 तक के गन्ना मूल्य भुगतान और उस पर ब्याज का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी संबंध में जिला गन्ना अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की गई है।पूरा मामला पीलीभीत जनपद का है। जहाँ धरने पर बैठे किसान माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार गन्ना मूल्य के भुगतान में देरी होने पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज दिए जाने का आदेश दिया गया था।
किसानो क़ी मानें तो गन्ना मूल्य भुगतान और ब्याज से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराये जाने क़ी मांग क़ी गई है.जिससे यह पता चल सके कि उसे कितनी धनराशि का भुगतान किया जाना बाकी है।प्रार्थना पत्र में वर्ष 1996-97 से वर्ष 2025-26 तक के गन्ना पेराई सत्रों का ब्याज विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।किसान ने संबंधित अधिकारियों से मामले में आवश्यक कार्यवाही करने तथा भुगतान का हिसाब स्पष्ट करने की अपील की है।आपको बता दें कि पिछले 34 दिन से ये संगठन अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे है.इस धरने में लगभग ढाई दर्जन किसान मौजूद रहे और उनका कहना है कि जिस जिले के गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार हों. उस जिले में गन्ना भुगतान नहीं हो रहा ये बड़ी विडंबना है. जबकि सिर पर दीवाली का त्यौहार है.
बड़ी बात यह है कि संबंधित विभाग इस प्रार्थना पत्र पर क्या कार्यवाही करता है और किसान को बकाया भुगतान व ब्याज से जुड़ी जानकारी कब तक उपलब्ध कराया जाता है.

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