





पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 2026-2027 आज से शुरू हो चूका है,भारतीय सहित विदेशी पर्यटकों नें PTR क़ी शोभा बधाई.इस मौके पर वन मंत्री सहित भाजपा के 3 विधायक और अपर मुख्य संरक्षक वन पीनाकी प्रसाद भी मौजूद रहे.
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नया पर्यटन सत्र आज से शुरू किया ग़या है.सैलानियों के लिए वनक्षेत्र खोल दिया गया है।सत्र के पहले दिन वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)डा. अरुण कुमार सक्सेना ने विधि विधान से हवन-पूजन में शामिल हुए,उस के बाद सफारी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सत्र के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया,श्रीलंका और UK देश से विदेशी पर्यटक पीलीभीत पहुंचे हैं,जिससे स्थानीय पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है।
आपको बता दें कि वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व घोषित हुआ,बिना संसाधनों के चलते धीमी रफ़्तार से बढ़ रहा था, मगर अब विदेशियों के आने से PTR अपनी खास पहचान बनाता जा रहा है। जंगलों में बढ़ती बाघों की संख्या और तराई के सुंदर नज़ारे सैलानियों को लगातार अपनी ओर खींच रहे हैं। इस बार पर्यटकों के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं, जिसमें सैलानी अब घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए सफारी का आनंद ले सकते हैं। इसके साथ ही पर्यटकों के ठहरने के लिए थारू हट,वाटर हट और ट्री हट की सुविधा शुरू की गई है,वन्यजीव प्रेमियों के लिए सप्त सरोवर पर एक नई कैंटीन भी खोली गई है,जहां पर्यटकों को खास बंगाली व्यंजनों का स्वाद चखाने की व्यवस्था की गई है प्रवेश द्वार से लेकर जंगलों तक भारी उत्साह का माहौल है और आलम यह है कि सत्र के पहले दिन से लेकर 9 नवंबर तक की सभी बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी हैं। विदेशी मेहमानों और फिल्म जगत से जुड़े निर्देशकों की मौजूदगी ने इस बार के सत्र को और भी खास बना दिया है।
आज इस मौके पर बरखेड़ा विधायक जयद्रथ,पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और बीसलपुर के विधायक विवेक वर्मा भी उपस्थित रहे। इनके अलावा प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी,प्रधान मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक उत्तर प्रदेश अनुराधा बेमूरी,अपर प्रधान वन संरक्षक रामकुमार,प्रबंध निदेशक वन निगम अरविंद कुमार सिंह,अपर प्रधान वन संरक्षक पिनाकी प्रसाद सिंह सहित प्रभागीय निदेशक पीलीभीत भारत कुमार डीके सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
बताते चले कि क्या सैलानियों को शारदा सागर में मोटर वोट चलाने कि अनुमति क्या मिलेगी,क्योंकि शारदा सागर सिचाई खंड नें द्वारा नोटिस PTR के अधिकारियो को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है,जारी नोटिस में शारदा सागर डैम और जंगल में स्थित चूका बीच पर सैलानियों के आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है इस वर्ष सैलानियों को टाइगर रिजर्व के चूका बीच पर मौज मस्ती करने पर रोक लग सकती है,शारदा सागर बांध अधिनियम के अंतर्गत लगाई गई चेतावनी बोर्ड,अब नहीं चलेगी टाइगर रिजर्व की मनमानी,हर वर्ष 15 नवम्बर को टाइगर रिजर्व का गेट सैलानियों के लिए खोल दिया जाता है.मगर इस बार सैलानी महज जंगल में मौज मस्ती कर सकते है,चूका बीच में जाना और बोटिंग के लुफ्त उठाने पर बांध सुरक्षा अधिनियन आड़े आ सकती है,क्योंकि अब बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 पूरी तरह से लागु हो चूका है,इस अधिनियम के लागु होने से पूर्व में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले सभी सैलानियों को शारदा सागर चूका बीच और नौकाविहार(स्टीमर)का मौका दिया जाता था,मगर अब नहीं, क्योंकि शारदा सागर विभाग ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियो को पत्र लिखकर जवाब मांगते हुए चेतावनी दी है कि वर्ष 2016 में चूका बीच पर शारदा सागर जलाशय में मोटर बोट चलाये जाने को लेकर वर्ष 12नवम्बर 2018 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। पर उस वक्त बांध सुरक्षा को लेकर कोई कानून नहीं बना था मगर वर्तमान में बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 पूरी तरह से प्रभावी हो चुका है।चूंकि शारदा सागर बाँध एक अन्तर्राज्यीय बीच है, इसलिए इसकी निगरानी जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय बाँध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) द्वारा की जा रही है। इसके आलावा यूपी के राज्य बांध सुरक्षा संगठन (SDSO)द्वारा भी लगातार निगरानी की जा रही है। शारदा सागर के अधिकारियो की मानें तो बाँध मिट्टी से बना हुआ एक बीच है जिसका निर्माण भारत के प्रथम पंचवर्षीय योजना के दौरान वर्ष 1954 में किया गया था और इसकी सुरक्षा के लिए चैन सेफ्टी एक्ट 2021 के तहत नियमित समीक्षा भी की जा रही है,मगर टाइगर रिजर्व द्वारा इस एक्ट की लगातार अवहेलना की जा रही है, दरअसल पीलीभीत टाईगर रिजर्व सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र है,जहां पर्यटक जंगल सफारी का आनन्द लेते है और जंगल के रास्ते चूका ईको टूरिज्म स्पॉट”चूका बीच” पर पहुंचते हैं, जहाँ शानदार शारदा सागर जलाशय क्षेत्र है।चूका बीच स्पॉट पर वन विभाग द्वारा सैलानियों के ठहरने के लिए स्टे हाउस जैसे (ट्री हाउस,बैबू हाउस) हट्स आदि बनाए गये है।यही नहीं इसके आलावा कैंटीन का भी संचालन किया जा रहा है।हालांकि चूका स्पॉट पीलीभीत जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।मगर शारदा सागर के अधिकारियो की माने तो चूका स्पॉट पर पर्यटन गतिविधियां शारदा सागर के जलाशय क्षेत्र के अंतर्गत आता है,जिस पर अब प्रतिबंध लगाते हुए एक चेतावनी नोटिस बोर्ड लगा दिया गया है, आपको बता दें कि बॉध सुरक्षा अधिनियम-2021 की धारा 4G (xi), 4 (1) 4 (v), 29 एवं 39 के अन्तर्गत बांध के आसपास के क्षेत्र में कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं संचालित की जा सकती,जिससे बांध की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो,शारदा सागर बाँध के आसपास की गतिविधियां के संचालन को लेकर सिचाई विभाग द्वारा जवाब भी माँगा गया है.जैसे ==जलाशय से कितनी दूरी पर किन-किन गतिविधियों का होना,डैम के किनारे रिजर्व द्वारा निर्माण से सम्बंधित जानकारी,जलाशय के अन्दर कितनी व किस प्रकार की मोटर बोट का इस्तेमाल और उनका दायरा सहित अन्य कई बिन्दुओ पर जवाब माँगा गया है. सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा टाइगर रिजर्व अधिकारियो को ये चेतावनी भी दी कि उनके विभाग द्वारा नहरों के निरीक्षण एवं दौरे के समय फॉरेस्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा विभागीय गडियों को रोका जाता है।जिनको ऐसा करने से रोका जाना चाहिए,अन्यथा बाँध सुरक्षा अधिनियम 2001 के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही की जाएगी,इस मामले में शारदा सागर के अधिशाषि अभियंता पी पी गौतम ने बताया कि समयानुसार टाइगर रिजर्व के अधिकारियो द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो सिचाई विभाग बांध सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करने के लिए बाध्य होंगा.
गौरतलब है कि दूसरी ओर पीलीभीत के शारदा सागर खंड सिचाई विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 2982 के अनुसार पीलीभीत ARTO सुशील मिश्रा नें मोटर यान अधिनियम संख्या 59 सन 1988 धारा 115 और उत्तरप्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 के नियम 178 के तहत टाइगर रिजर्व के अधिकारियो को आदेश जारी किया है कि अब किसी भी निजी वाहन को शारदा सागर बांध पर जाने कि अनुमति नहीं दी जाएगी.सिचाई विभाग और वन विभाग के आमने सामने के वर्चस्व और दायरे में कमी आने से सैलानियों के मौज मस्ती और जंगल-नदियों, सागर का लुफ्त उठाने में अब इस वर्ष मिठास कि जगह खटास होने वाली है.

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